शनिवार, 31 दिसंबर 2016

वैष्णो माँ की जय जय जय
मेरा खुशहाल हो नया साल वैष्णो माँ तेरी किरपा से,
कुछ हो जाये नया कमाल वैष्णो माँ तेरी किरपा से,
माँ रहमत हो तेरी फिर तो बिगड़ी भी संवर जाये,
घर में खुशियों का हो धमाल वैष्णो माँ तेरी किरिपा से। रैना"
सुप्रभात जी ---------------------------जय जय माँ
नया साल मुबारखबाद हो -----------happy new year

शुक्रवार, 30 दिसंबर 2016

दर्द दिल का बढ़ रहा कोई दवा तो कर,
गर दवा मिलती नही कोई दुआ तो कर,
हादसों से डर रहा बेचैन दिल मेरा,
दोस्ती का हक जरा अब तू अदा तो कर। रैना"

बुधवार, 28 दिसंबर 2016

सितारे तोड़ने की सोचता रहता,
ज्यादा जोड़ने की सोचता रहता,
कहे मन चल सही रस्ते सदा रैना"
उसे मैं मोड़ने की सोचता रहता। रैना"
चढे दिन ही शाम का फ़िक्र कर,
हर महफ़िल में उसका जिक्र कर,
जिंदगी का कुछ मकसद है जान,
बेपरवाह इधर की न उधर कर। रैना"

वैष्णो माँ की जय जय जय
ढूंढता मन सवेरे को,
माँ दूर करो अँधेरे को,
बस यही अरमान है माँ,
तेरे दर्शन हो मेरे को। रैना"
सुप्रभात जी ----जय जय माँ

रविवार, 25 दिसंबर 2016

वैष्णो माँ की जय जय जय
माँ तेरा सहारा मांगते है,
दिलकश नजारा मांगते है,
जीवन की नैया डोल रही,
हाथ जोड़ किनारा मांगते है। रैना"

शनिवार, 24 दिसंबर 2016

वैष्णो माँ की जय जय जय
तेरे दर्शन की अभिलाषा है,
मेरा मन माँ अति प्यासा है,
नाम का जाम पिला दे माता,
मुझे अब करनी दूर निराशा है। रैना"
सुप्रभात जी -----जय जय माँ 

शुक्रवार, 23 दिसंबर 2016

मैं तो पानी हूं रवां रहना फितरत मेरी,
बस इतना फर्क बदलती न सूरत मेरी,
खुद को इस कदर तराश रहा है ""रैना"
हर किसी को होगी फिर जरूरत मेरी।रैना"  
खोटे सिक्के हैं फिर भी खुद को उछाला हमने,
गिरने से खुद को कई बार है सम्भाला हमने,
किसी के सामने सिर कभी झुकने नही दिया,
सच कहना सुखी रहना ये शौंक पाला हमने। रैना"

गुरुवार, 22 दिसंबर 2016


दोस्तों पढ़ना जरा गौर से
बैठ अरमानों के संग सारी रात रोना हुआ,
शब गुजारी आंखों में न इक घड़ी सोना हुआ।
चाहत कुँआरी रह गई मेहंदी लगी है हाथों में,
किसी को पाने के लिये खुद ही खोना हुआ।
याद ने जब आ के दस्तक दी दिल के द्वार पे,
आंसुओं की धार से फिर दागे दिल धोना हुआ।
डूबा गहरी सोच में खुद को तसल्ली दे रहा,
क्यों है तू परेशान रैना"जो लिखा होना हुआ।  रैना"@




बुधवार, 21 दिसंबर 2016

हवा चलती शमा जलती मुझे अहसास होता है,
नही है  दूर तू मुझसे खड़ा तो पास होता है। रैना"

अधूरे है यहां सारे नही पूरा हुआ कोई,
हुआ पूरा वही यारों चले जो चार कन्धों पे। रैना"

वैष्णो माँ की जय जय
जो माँ मिले तेरा सहारा,
मिल जाये फिर किनारा,
तेरे दीद की तलब माँ जी,
मैं जपु माँ नाम तुम्हारा। रैना"
सुपभात जी ---जय जय माँ 
झूठ ने है इस कदर प्रभावित किया,
सच बोलो तो भी झूठ समझते लोग। रैना"

मिठ्ठा बोलना भी अब गुनाह हो गया,
भोले भाले को शातिर समझते हैं लोग। रैना"

मंगलवार, 20 दिसंबर 2016

कलम घिसना ही लिखना नही होता,
सोच समझ पते की बात कहो यारों। रैना"
वैष्णो माँ की जय जय जय
माँ जी तेरी शान में लिखना है,
मगन तेरे ध्यान में लिखना है,
माँ रोशन कर मेरे मन का घर,
जब तक जान में जान लिखना है। रैना"
सुप्रभात जी --------जय जय माँ


आजकल जो भी तनाव में रहते हैं,
अफ़सोस वो अब ग़ज़ल कहते हैं,
यारों सच में ग़ज़ल कहने वाले तो,
अक्सर लफ्जों के दरिया में बहते हैं। रैना"
अंधेरों से दोस्ती अपनी,
उजालों से दुश्मनी अपनी,
रही पाने की तमन्ना सी,
कटी ऐसे जिन्दगी अपनी। रैना"

सोमवार, 19 दिसंबर 2016

वैष्णो माँ की जय जय जय
मेरे जीवन में कुछ आनन्द कर दे,
माँ थोड़ी सी ख़ुशी का प्रबन्ध कर दे,
महक जाये मेरी जिंदगी का हर पल,
माँ दूर मन के घर से दुर्गन्ध कर दे। रैना"
सुप्रभात जी -----------जय जय माँ

रविवार, 18 दिसंबर 2016

वीराने से घबराता नही नजारों से डर के रहता हूं,
कातिलों का खौफ नही गद्दारों से डर के रहता हूं,
दुश्मनों की गली से सम्भल के निकल जाता हूं,
पीठ में ख़ंजर न घोप दे प्यारों से डर के रहता हूं। रैना"
ये मत पूछो हम क्या कमा रहे है,
नेकियों से खजाना भरते जा रहे हैं। 
तू फूल है थोड़ा और निखर जा,
शुश्बू बन के हवा में बिखर जा,
सरे शहर में चर्चा कुछ कर ऐसा,
रह ले यहां फिर चाहे तू उधर जा।रैना"  
इक सूफी रचना दोस्तों के लिए

सुन मैं रिन्द तू साकी है,
अब दूर करनी उदासी है।
जी भर के पिला मुझको,
पीने की हसरत बाकी है।
देखू तो है जायका कैसा,
मैंने अब तक न चाखी है।
दिल के घर में तू रहता,
मेरा जन्मों का साथी है।
चेहरे से हटा ले चिलमन,
तुझको शर्म क्यों आती है।
बेशक ये अहसास मुझको,
रैना"इक दीया तू बात्ती है। रैना"
 रिन्द =शराबी,  साकी =पिलाने वाला
जायका =स्वाद ,चिलमन =पर्दा




ज्यादा दिन न ठिकाना इस बस्ती में,
जो बचे काट ले दिन अब तू मस्ती में.रैना" 

शनिवार, 17 दिसंबर 2016

चिराग़ लड़ रहा अंधेरों से,
अफ़सोस हवा से डरता है। रैना"

वैष्णो माँ की जय
माँ करदे कर्म
दूर करदे गम,
परेशान है हम,
माँ आंखें नम,
ये जानते हम,
तेरे दम से दम। रैना"
सुप्रभात जी --
जय जय माँ  
इक तू ही जो कायम रहेगा यहां,
सब को जाना तेरा शहर छोड़ कर। रैना"
दर्द दिल में होता रहा है उम्र भर,
इक सूरत ने ताउम्र सोने न दिया। रैना"
कुछ रहे न बाकी सबकुछ बन्द करदो,
सब के रहने खाने सोने का प्रबंध करदो,
पढ़ाई लिखाई और मुफ्त करो उपचार,
मोदी जी  देश में भरपूर  आंनद करदो। रैना"

शुक्रवार, 16 दिसंबर 2016

चढ़े दिन की मस्ती में चूर हम रैना"
अंधेरी रात का करते फ़िकर ही नही। रैना"

कल के लिये सोचा न गया,
दिल मचलता रोका न गया।
आबाद होते


मतलब के लिये दोस्ती मोहब्बत प्रेम है,
रंग बदलते लोग मौसम को देख कर। रैना"

लोग अपने गिरेबान में झांकते ही नही,
दूसरे की कमी ढूंढने में लगे ही रहे। रैना"

दास्ता अपनी वो खुद ही कहते हैं,
इस शहर में कुछ गद्दार रहते है। रैना"

गुरुवार, 15 दिसंबर 2016

सितारें तोड़ने की लगी रही,
खुद से मिलने की फुरसत न मिली। रैना"

अब हमें इतना सा काम है,
हर लम्हा कलम के नाम है। रैना"

बेदर्द जमाने से दवा मांगता रह गया,
अपने भी गुजरे पास से मुंह फेर कर। रैना"




मंगलवार, 13 दिसंबर 2016

वैष्णो माँ की जय जय जय
कबूल कर ले माँ तू मेरी दुआ,
कम कर दे जो लिखी है सजा,
जब तक  करोगी न नजरे कर्म,
असर तब तक न करेगी दवा। रैना"
सुपभात जी -----जय जय माँ 
जीवन को खुश गवार किसी ने नही किया,
यूं खुद से इश्क प्यार किसी ने नही किया।
दावा करे तमाम मुलाकात उस से की,
सच में दीदारे यार किसी ने नही किया।
बेशक उससे मिलन की चाह सी रही,
लेकिन सब्र इन्तजार किसी ने नही किया।
है झूठ पसंद लोग सच से खफा खफा,
आबाद वो संसार किसी ने नही किया।
कब शाम हो हसीन रहती ये खबर नही,
काली रात का उपचार किसी ने नही किया।
रैना"तमाम लोग भटकेगे यहां वहां,
अब तक भव को पार किसी ने नही किया। रैना"
अधूरे सफर दा अधूरा मुसाफिर हां मैं,
ओ माफ़ न करेगा क्योंकि काफिर हां मैं। 
इतने करीब साहिल नही होता,
हर इक इंसान काबिल नही होता,
बेशक मंजूर है मेहनत उसको,
यूं तो मुकाम हासिल नही होता।रैना"


तेरे घर खत्म होता रास्ता मेरा,
तुझी से है सनम अब वास्ता मेरा,
बिना पंख उड़ रहा आराम से रैना"
तेरे दम से ही कायम हौसला मेरा। रैना"

सोमवार, 12 दिसंबर 2016

कब से बुला रहे है तुम्हे,
तुम क्यों सुनते ही नही। रैना"

वैष्णो माँ की जय जय जय
माँ हमको तेरा प्यार मिला,
खुशियों का है संसार मिला,
इस को भी माफ़ करदे माँ,
जो दुःख है इस बार मिला। रैना"
सुप्रभात जी -----जय जय माँ 

रविवार, 11 दिसंबर 2016

नाम मोहब्बत का वफ़ा यारों,
लोग देते फिर भी दगा यारों। रैना"





मेरे बारे सोचा क्या है,
मेरा तुझ से रिश्ता क्या है।
हमने तुझ में रब देखा है,
तुझ को मुझ में दिखता क्या है।
समझे हम तो कैसे समझे,
तेरे दिल में चलता क्या है।
उठती दुर्गंध जी घबराये,
मेरे घर में जलता क्या है।
इन्सां गल्ती कब माने है,
उसने खुद का बदला क्या है।
परदे में हो कुछ तो बोलो,
तुझको हम से शिकवा क्या है।
तुझको "रैना"ने मिलना है,
क्यों रूठे हो मिलता क्या है। रैना"




गुरुवार, 8 दिसंबर 2016

वीराने में गुजरी है किसी की बहार में,
अपनी तो फ़क़त गुजरी है इंतजार में। रैना"

है उसी से यही तो गिला दोस्तों,
क्यों वफ़ा का जफ़ा है सिला दोस्तों। रैना"

बुधवार, 7 दिसंबर 2016

जो भी मिलता कहता पेट घटा ले तू,
माँ अक्सर कहती कुछ और खा ले तू। रैना"
दोस्तों क्या ये सच है
किसी बीमार की बंद दुकान होने लगी है,
ग़ज़ल भी आज कल बेजुबान होने लगी है,
नही अब बज़्म में कुछ मजा कहे तो किसे क्या,
करे क्या जिन्दगी इम्तहान होने लगी है। रैना" 
दोस्तों के लिए कुछ खास 

दोस्त दगा ऐसे न करो,
ऐसी ख़ता ऐसे न करो।  
होंगे न हम आबाद कभी,
दिल से जुदा ऐसे न करो,
बुझने लगी है आग लगी,
फिर से हवा ऐसे न करो। 
तक़दीर में उसने ये लिखा,
हरगिज गिला ऐसे न करो। 
सुन ले तबीबो दर्द मेरा,
मरहम दवा ऐसे न करो। 
हम बज़्म से उठ के चले,
रैना विदा ऐसे न करो। रैना"


शुक्रवार, 2 दिसंबर 2016

वैष्णो माँ की जय
तेरी रहमत की दरकार माता,
बख्शो चरणों का प्यार माता,
जीवन नईया डगमग डोल रही,
करो कृपा न टूटे एतबार माता। रैना"
सुप्रभात जी ------जय जय माँ 

गुरुवार, 1 दिसंबर 2016

वैष्णो माँ की जय जय जय
मुझे पे तेरी किरपा करदे माँ,
तेरा भजन करू ये वर दे माँ,
मैंने सह लिये हैं दुखड़े बहुत,
अब झोली में खुशियां भर दे माँ।रैना"
सुप्रभात जी ------जय जय माँ   
गर प्यार करना फिर तो ऐसे निभाना होगा,
जब भी मिलो तो हंस के सीने लगाना होगा। 
करना नही तौबा कभी सुन जहाँ की बातें,
कुछ भी न 
खोल के मन की बात सबकुछ सुनाना होगा।