माँ की कव्वाली
शेर
हे माँ अम्बे जग्दाम्बके, हमने अजब तेरा असर देखा,
हर तरफ तेरा ही जलवा,हमने जहाँ देखा जिधर देखा.
जिस पर हो जाये इनायत तेरी, गुले गुलजार वो बशर देखा,
जो तेरे दर पे सजीदा नही करता,उस शख्स का बुरा हश्र देखा.
तेरे दर पे आने वाले भक्तों को, मुहु मांगी मुरादे मिल जाये,
चैन मिल जाये आराम मिले दिल की मुरझाई कली खिल जाये.
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