sufi tadka
सोमवार, 5 सितंबर 2011
हर किसी पे हक़ तो जताया नही जाता,
सारे शहर को अपना बनाया नही जाता.
दिल में कशिश होती है किसी के खातिर,
यूं किसी के लिए खुद को मिटाया नही जाता"रैना"
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