sufi tadka
शनिवार, 17 सितंबर 2011
बढ़ती महंगाई
जनता का चीर हरण
मगर ठाहके लगा के हंस रहे सभा में बैठे नेता."रैना"
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें
नई पोस्ट
पुरानी पोस्ट
मुख्यपृष्ठ
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें