हमारे नेता देश के रखवाले है,
कपड़े उजले उजले क्या हुआ जो दिल के काले है
देश का भार अपने कन्धों पे डोते है,
दिन रात जागते क्या हुआ जो सदन में बैठ के सोते है.
लोग इन पर आरोप लगाते है,
नेता भ्रष्टाचार कर धन कमाते है,
ये बेचारे धन कोन सा अपने घर ले जाते है,
स्विस बैंक में ही तो जमा करवाते है.
जनता बेवजह चिल्ला रही,पैट्रोल महंगा हुआ वाहन,मकान कर्ज है,
अरे भाई गरीबी नही गरीब को मिटाना भी तो इन नेताओ का फर्ज है "रैना".
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