उसकी नयामत है प्यारी बेटी,
घर की रोनक है दुलारी बेटी.
बेशक इसमें कोई शक नही है,
अपार गुणों से उसने संवारी बेटी.
पढ़ लिख किया रुतबा हासिल,
हुई पैरों पे खड़ी अब न्यारी बेटी.
वकत बदला सोच नही बदली,
माँ बाप की चिंता कुंआरी बेटी.
हर माँ बाप की यही तमन्ना है,
बने राजकुमार की राजकुमारी बेटी.
रैना सोच अपनी यही हसरत है,
छू ये आसमान को हमारी बेटी. "रैना"
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें