शुक्रवार, 30 सितंबर 2011

dohe

माँ की स्तुति दोहे 
श्रदा भक्ति प्रेम से जो, माँ का ध्यान लगाये,
बड़भागी उस जीव का, जन्म सफल हो जाये
ओ भक्तों जन्म ---------------
ज्योत पवित्र है मइया की, दूर अँधेरा भगाये.
श्रदा प्रेम से है  जहाँ जले,मइया वही पे आये.
ओ भक्तों मइया--------------
उच्चे पर्वत शिखर पे, मइया का है दरबार,
सेवक दर्शन को चले, हो रही जय जयकार
.मइया की हो रही --------------
अकबर को जब अहम हुआ,आया माँ के दरबार,
सोने को लोहा था  कर दिया,तोड़ दिया अहंकार.
मइया ने तोड़ दिया---------------- 
ध्यानु माँ के दर आया,हाथ लिए तलवार,
शीश काट कर ये कहे, भेंट करो स्वीकार.
मइया जी भेंट करो ------------- "रैना"  

maa ki shan me dohe

माँ की स्तुति दोहे 
श्रदा भक्ति प्रेम से जो, माँ का ध्यान लगाये,
बड़भागी उस जीव का, जन्म सफल हो जाये.
ज्योत पवित्र है मइया की, दूर अँधेरा भगाये.
श्रदा प्रेम से जहाँ जले,मइया वही पे आये.
उच्चे पर्वत शिखर पे, मइया का दरबार,
सेवक दर्शन को चले हो रही जय जयकार.
अकबर को जब अहम हुआ,आया माँ के दरबार,
सोने को लोहा कर दिया,तोड़ दिया अहंकार.
ध्यानु माँ के दर आया,हाथ लिए तलवार,
शीश काट कर ये कहे, भेंट करो स्वीकार   

गुरुवार, 29 सितंबर 2011

ped

पेड़ बहुत है मेरे शहर में मगर मुझे आजतक छाया नही मिली."रैना" 

jai durge

अम्बे रानी बोलो जय दुर्गे रानी बोलो,
दुर्गे रानी बोलो जय अम्बे रानी बोलो,
अम्बे रानी बोलो जय ---------------
खुल जायेगे मन के द्वारे,
मिट जायेगे दुःख भी सारे,
अम्बे रानी बोलो जय ---------------
भक्त अपने पे मेहर है करती,
खाली झोली सब की भरती,
अम्बे रानी बोलो जय --------------
माँ वैष्णो के दर जो आये,
मुहु माँगा वो वर  है पाये
अम्बे रानी बोलो जय ---------"रैना"

बुधवार, 28 सितंबर 2011

swis baink

भ्रष्टाचार का सूरज अब ऐसे न ढलेगा,
सिर्फ
भारत माँ की जय कहने से काम न चलेगा,
अब बसंती चोला फिर रंगवाना पड़ेगा,
हर मन में देश प्रेम जगाना पड़ेगा,
वरना ये काले अंग्रेज सिस्टम कुछ ऐसा बनायेगे,
सोने की चिड़िया को स्विस बैंक में ही धर आयेगे."रैना"

kawwali

माँ की कव्वाली 
शेर 
हे माँ अम्बे जग्दाम्बके, हमने अजब तेरा असर देखा,
हर तरफ है माँ जलवा तेरा,हमने जहाँ देखा जिधर देखा.
जिस पर हो जाये इनायत तेरी,गुले गुलजार वो बशर देखा,
जो तेरे दर पे सजीदा नही करता,उस शख्स का बुरा हश्र देखा.

तेरे दर पे आने वाले भक्तों को, मुहु मांगी मुरादे मिल जाये,
चैन मिल जाये आराम मिले दिल की मुरझाई कली खिल जाये

तेरे दर पे आके मइया मैंने सब कुछ तो पा लिया है,
मिली खुशिया तमाम मुझको  सोया भाग्य जगा लिया है.
मिली खुशिया तमाम ----------------
तेरी रहमत है मइया मुझ पे जो चमका मेरा सितारा,
मेरे मन की मैल है उतरी चाहू और तेरा ही  नजारा,
तेरे नाम का प्याला पीकर हर गम को मिटा लिया है.
मिली खुशिया ---------------------"रैना"

jai maa

माँ की कव्वाली 
शेर 
हे माँ अम्बे जग्दाम्बके, हमने अजब तेरा असर देखा,
हर तरफ  तेरा ही जलवा,हमने जहाँ देखा  जिधर देखा.
जिस पर हो जाये  इनायत तेरी, गुले गुलजार वो बशर देखा,
जो तेरे दर पे सजीदा नही करता,उस शख्स का बुरा हश्र देखा.

तेरे दर पे आने वाले भक्तों को, मुहु मांगी मुरादे मिल जाये,
चैन मिल जाये आराम मिले दिल की मुरझाई कली खिल जाये.  

मंगलवार, 27 सितंबर 2011

dushman

जीना तो ऐसा जीना,
 चर्चे दूर दूर तक होने लगे,
जब चले दुनिया छोड़ के,
 दुश्मन भी फूट फूट रोने लगे. "रैना"

सोमवार, 26 सितंबर 2011

dil

दिल के इक कोने में अब भी उठता है धुँआ वैसे मुद्दत हो गई चिराग बुझे हुए, "रैना"

khat

यादों की वीरान बस्ती पे शबाब आया है,
जब गई आधी शब उनका ख्वाब आया है.
वैसे तो उन्होंने मुझे लिखे ख़त तमाम,,
मगर पहली मर्तबा ख़त का जवाब आया है, "रैना"

maa

माँ तूं महान है,
तुझ से रोशन जहान है.
तेरे चरणों में जन्नत,
खुदा तू ही भगवान है.
माँ तू महान है.
तू अंधकार मिटती है,
 रोशन जहान दिखाती है,
फिर अपना दूध पिलाती है,
ममता की गंगा बहती है,
कभी मानती न एहसान है.
माँ तू महान है.
लाखों दुःख जरती है,
कभी उफ़ न करती है,
बच्चे के लिए जीवन तेरा,
बच्चे के लिए मरती है,
बच्चे की ख़ुशी तेरी शान है.
माँ तू महान है.
बच्चों में बांटे सुख है,
मगर तेरे हिस्से दुःख है,
फिर भी बदले न रुख है,
चाहे बच्चा देता दुःख है,
विचलित न होता ध्यान है.
माँ तू महान है. "रैना"

रविवार, 25 सितंबर 2011

beti

उसकी नयामत है प्यारी  बेटी,
घर की रोनक है दुलारी बेटी.
बेशक इसमें कोई शक नही है,
अपार गुणों से उसने संवारी बेटी.
पढ़ लिख किया रुतबा हासिल,
हुई पैरों पे खड़ी अब न्यारी बेटी.
वकत  बदला सोच नही  बदली,
माँ बाप की चिंता कुंआरी बेटी.
हर माँ बाप की यही तमन्ना है,
बने राजकुमार की राजकुमारी बेटी.
रैना सोच अपनी यही हसरत है,
छू ये आसमान को हमारी बेटी.  "रैना"

शनिवार, 24 सितंबर 2011

sahyog

ये सच है ?????
महिलाये अब देश की तरक्की में खूब सहयोग दे रही है,
इसमें खास कर, 
फ़िल्मी अभिनेत्रियाँ काफी दिलचस्पी ले रही है,
कैसे 
वो देश के गरीबों के लिए काफी धन बचाती है,
तभी तो कम कपड़े पहन कर पर्दे पे आती है.--------------.          "रैना"

arj

ये अर्ज मेरी मंजूर करो जग के दाता पालनहार,
दिलों में प्रेम वास करे खुशहाल हो समस्त संसार,
हर लो पीड़ा दुःख दर्द जन जन की है यही पुकार,
इतना तो तुम कर सकते हो तेरी शक्ति अपरम्पार, "रैना"
सुप्रभात ---- खुशहाल रविवार 

suraj

गम की आग में निरंतर जलते जा रहे है,
हम सूरज है इसलिए तो  ढलते जा रहे है,
भटके है राह से मंजिल का पता  नही,
अनजान मुसफ़िर क्यों चलते जा रहे है
बेशक कर नही सकते महफिल रोशन,
फिर भी जल जल के पिघलते जा रहे है.."रैना"

गुरुवार, 22 सितंबर 2011

gardogubar

यूँ चलते जा रहे है वक्त के साथ साथ जैसे कारवा के पीछे गर्दोगुबार है."रैना"

uthho

उठो देश के नौजवानों भारत माँ का कर्ज चुकाना है,
काले अंग्रेजों से अब देश को आजाद करवाना है. "रैना"

sarkar

माहोल गर्म है आजकल बाजार का,
हर तरफ जिक्र महंगाई की मार का.
गरीबी  नही गरीब को खत्म करना,
क्या यही काम होता है सरकार का. "रैना"
सुप्रभात के साथ --------------------------------

dil

आँखों से धुँआ निकल रहा है,
ऐसा लगे  दिल जल रहा है,
अपने घर तो मचा कोहराम,
बता तेरे घर क्या चल रहा है,"रैना"


aadam

भारत को बदलने की बात करने वालो, 
जरा करो सोच विचार,
इस देव भूमि को कैसे बदलो गे यार,
इसे सिकंदर बदलने आया था,
 उसे भी डालने पड़े हथियार
इस महान भारत ने देखे दुःख बहुतेरे,
बहुत कुछ लूट कर ले गये यहाँ से लुटेरे.
फिर भी इस देव भूमि का रूप न,सरूप बदला,
मेरे देश का फिर भी न आलम बदला है,
बदला है तो सिर्फ ये आदम बदला है.
इसलिए आलम नही,
 आदम को बदलने  की जरूरत.है.   ."रैना"

बुधवार, 21 सितंबर 2011

sata

सता  के  गलियारे में छिड़ी जंग है,
भ्रष्टाचार अब राजनीति का  अंग है.
टांगे खींच किसी की जड़े काट कर,
कुर्सी पाने का अब ये नया ढंग है.
स्वर्ग के समस्त सुख नेता भोग रहे,
महंगाई से परेशान अब जनता तंग है.
नोटों से तोली जाती इज्जत आबरू,
बदले जमाने अब ये नया रंग है.
नैतिकता का पतन करना जिस ने सीखा,
राजनीति में ऊँची उडी उसकी पतंग है          ."रैना"

beshak

अब तो कुछ ऐसा दौर चल रहा है,
इन्सान इन्सान को ही छल रहा है,
वफा प्यार का सूरज ढल रहा है,
दिल में नफरत का पौधा पल रहा है.
वैसे अपने हाल से सुखी है सारे,
सुख दुसरे का देख दिल जल रहा है.
"रैना" गहरा मंथन सोच विचार कर,
तूं ये कोन से रास्ते पर चल रहा है.
 सुप्रभात -------------                   रैना"
























सोमवार, 19 सितंबर 2011

तुझसे प्यार करके मुझे हुआ ये हासिल,
दर्द बनके जिन्दगी में हो गया तू शामिल,
जिसको माना मैंने अपने जिगर का टुकड़ा,
वो ही निकला जालिम मेरे दिल का कातिल. 
बचना अब तो  मुशिकल डूबना ही निश्चित,
वो ही पार लगा दे वैसे दूर बहुत है साहिल.
 खुदा जानता है मैंने कोई कसर नही छोड़ी,
फिर भी नही वो पिगला पत्थर दिल जाहिल.
"रैना" की मत पूछो वो भटका हुआ है राह से,
जा रहा कही वो कही और है उसकी मंजिल."रैना"

tujhse

तुझसे प्यार करके मुझे हुआ ये हासिल,
दर्द बनके हो गया तू जिन्दगी में शामिल,
जिसको माना मैंने अपने जिगर का टुकड़ा,
वो ही निकला जालिम मेरे दिल का कातिल. 
बचना अब तो  मुशिकल डूबना ही निश्चित,
वो ही पार लगा दे वैसे दूर बहुत है साहिल.
 खुदा जनता है मैंने कोई कसर नही छोड़ी,
फिर भी नही वो पिगला पत्थर दिल जाहिल.
"रैना" की मत पूछो वो भटका हुआ है राह से,
जा रहा कही वो कही और है उसकी मंजिल."रैना"

wah

वाह मेरे देश के नेता वाह
अपना विदेशों में जमा काला धन,
 देश में वापिस नही ला रहे है,
मगर काले धन के बारे में आवाज उठाने वाले,
योग गुरु राम देव की सम्पति की जाँच करवा रहे है."रैना"  

रविवार, 18 सितंबर 2011

wisw wikhyat


विश्व विख्यात अर्थ शास्त्री प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह जी,
 लगता है  कुछ नया  करके ही दिखायेगे,
महंगाई  को उच्चतम स्तर पर ले जाकर, 
देश का नाम गिनीज बुक में जरुर लिखवायेगे.
खैर एक विश्व विख्यात अर्थ शास्त्री से इस से ज्यादा की उम्मीद नही कर सकते."रैना"
बेशक ये  कीमती वक्त बेवजह ही न बरबाद किया जाये,
जिसने बख्शी हर ख़ुशी पल दो पल उसे याद किया जाये."रैना"
सुप्रभात के साथ 

शनिवार, 17 सितंबर 2011




बढ़ती महंगाई 
         जनता का चीर हरण
          मगर ठाहके लगा के हंस रहे सभा में बैठे नेता."रैना"

























जो उसे अपना बनाना होगा,
तो पहले खुद को मिटाना होगा, 
इश्क की आग में जल के ही,
बेशक सुरख रु  परवाना होगा."रैना"
सुप्रभात के साथ

अब  तो ये कहना बड़ी गलती है ????
के महिलाओं की नही चलती है,
बाहर की स्थिति चाहे कुछ भिन्न नजर आ रही है,
मगर घर में तो महिला अपनी खूब चला रही है,
सास ससुर एवं पति को नको चन्ने चबा रही है,
वैसे अब तो बाहर की स्थिति भी महिला के पक्ष में नजर आती है,
शीला, ममता, जय ललिता तो राज्य चला रही,
इधर मैडम सोनिया प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को उँगलियों पे नचाती है. "रैना"






















जलते चिरागों से लौ चुराने का फन हुस्न वाले जानते है,
 मगर अपने इस हुनर से अनजान है."रैना"
जलते चिराग से लौ चुराने का फन हुस्न वाले जानते है,
 मगर अपने इस हुनर से अनजान है."रैना"
हम तो है इस कदर चाहने वाले,
भूल नही पाते  हमें भुलाने वाले,
हम वो नही जो दिल में बसते है,
हम तो है रूह में उतर जाने वाले."रैना"

शुक्रवार, 16 सितंबर 2011

नेता चुनाव से पहले हाथ जोड़ कर जनता के द्वार आते है,
चुनाव जीतने के बाद जनता को ठेंगा दिखाते है,
और खुद चादनी चौंक पर चांदी के चमच में चटनी खाते है."रैना"

hmkre neta

हमारे नेता देश के रखवाले है,
कपड़े उजले उजले क्या हुआ जो दिल के काले है
देश का भार अपने कन्धों पे डोते है,
दिन रात जागते क्या हुआ जो सदन में बैठ के सोते है.
लोग इन पर आरोप लगाते है,
नेता भ्रष्टाचार कर धन कमाते है,
ये बेचारे धन कोन सा अपने घर ले जाते है,
स्विस बैंक में ही तो जमा करवाते है.
जनता बेवजह चिल्ला रही,पैट्रोल महंगा हुआ वाहन,मकान कर्ज है,
अरे भाई गरीबी नही गरीब को मिटाना भी तो इन नेताओ का फर्ज है         "रैना".

गुरुवार, 15 सितंबर 2011

paitrol




























































गरीब को नसीब है मोपेड,स्कूटी, स्कूटर,
 मोटरसाइकल, नैनो कार,
मगर इन्हें भी सहन नही कर पा रही केंद्र सरकार,
सरकार की मनसा है गरीब  पैदल ही आये जाये,
देश की तरक्की के लिए मोटापा कम कर सेहत बनाये,
पेट्रोलियम मंत्री ने  कुछ ऐसा ही अपना तर्क फ़रमाया है,
गरीबों की सेहत को ध्यान में रख पैट्रोल का दाम बढ़ाया है. "रैना" 












गद्दारों को यहाँ से कैसे निकाला जाये,
अब तो चिंता ये देश कैसे संभाला जाये,
वरना वो दिन फिर लौट कर आ जायेगे,
जब हम अमेरिका के गुलाम हो जायेगे.
                                 "रैना". 
नाखुदा नामुराद मसीहा ने सारे शहर का मिजाज बदल के रख दिया."रैना"
मेरे दोस्त तेरे नाम लिखा है,
खूने जिगर से पैगाम लिखा है.
कैसे बिखर गये है हम टूट कर,
हाले दिल इसमें तमाम लिखा है. 
ठिकाने लगाना तू  मेरी मिटटी,
तेरे लिए इतना ही काम लिखा है. ."रैना" 

HAR KOI

हर कोई देखता एक दुसरे को शक की नजर से,
 क्योकि अब यहाँ कोई इमानदार नही है. "रैना"

बुधवार, 14 सितंबर 2011

बेशक यहाँ भीड़ बड़ी  है फिर भी वीरान बस्ती है,
हर शै बहुत ही मंहगी सिर्फ जिन्दगी सस्ती है. "रैना"

सोमवार, 12 सितंबर 2011

andhera

अँधेरा छाने वाला है इसका भी फ़िक्र किया जाये,
तन्हा चाहे महफ़िल में उसका जिक्र किया जाये."रैना"

शुक्रवार, 9 सितंबर 2011

जाम ऐ जिन्दगी अभी पीना नही आया,
शहर के लोगों को तो जीना नही आया."रैना"

बुधवार, 7 सितंबर 2011

अमर सिंह बदनाम हुआ कांग्रेस तेरे लिए,
जेल में बैठा पूछता सोनिया क्या करेगी मेरे लिए."रैना"

सोमवार, 5 सितंबर 2011

आओ हंस ले, 
शादी से पहले 
लड़का बाज की तरह फडफडाता है,
शादी होते ही कबूतर बन जाता है.
शादी से पहले
 लड़की भोली भाली मासूम मेमनी नजर आती है,
शादी होते ही खूंखार शेरनी बन जाती है. 
. "रैना"
हर किसी पे हक़ तो जताया नही जाता,
सारे शहर को अपना बनाया नही जाता.
दिल में कशिश होती है किसी के खातिर,
यूं किसी के लिए खुद को मिटाया नही जाता"रैना"

रविवार, 4 सितंबर 2011

लक्ष्मण रेखा से बाहर पैर धरने लगे है लोग,
अब तो गिरगट की तरह रंग बदलने लगे है लोग."रैना"

 अमीर के लिए स्वर्ग , गरीब के लिए नर्क समान है,
प्रगति के पथ पर अगरसर मेरा भारत देश महान है
नेताओं एवं अभिनेताओं के लिए हीरे,सोने की खान है    जय भारत "रैना"