रविवार, 30 अक्टूबर 2016

वैष्णो माँ की जय जय जय
यही हसरत तमन्ना माँ तूने उपकार करना है,
चमन वीरान मेरा माँ उसे गुलजार करना है,
तेरी कृपा बिना माता संभव कुछ भी न हो सकता,
करो नजरें कर्म  माता तेरा दीदार करना है। रैना"
सुप्रभात जी -----------------------जय जय माँ

दीपावली को रात भर ही सवेरा रहा,
लेकिन मेरे दिल के शहर में अंधेरा रहा।
अफ़सोस तो ये दर्द बख्शा उसी ने मुझे,
दिल में मेरे जिसका कभी था बसेरा रहा।
हम हैं परेशां से दुखी इसलिये है गिला,
उसने किया है क़त्ल जो ख़ास मेरा रहा।
आबाद गुलशन हो न पाया उसे क्या कहे,
यूं पास हो कर भी दूर हम से नजारा रहा।
तेरे सिवा जो साथ होगा मेरे वो ख़ास हो,
बेशक फकीरों का 

शनिवार, 29 अक्टूबर 2016

आओ दिवाली कुछ ऐसे मनाये,
मन के घर में इक दीप जलाये।
दुनिया और भी प्यारी लगेगी,
मन का जब अन्धकार मिटाये।
इजहार ख़ुशी का न हो दिखावा,
दिल मिला के ही हाथ मिलाये।
श्री राम की रास्ते पे ही चलना,
झूठा न हम कभी स्वांग रचाये।
धन दौलत कुछ साथ न जाये,
अपने लिये भी हम कुछ कमाये।
रैना"मन के घर  दीप जला कर,
वैष्णो महारानी का ध्यान लगाये। रैना"
सुपभात जी ----हैप्पी दीवाली जय जय माँ

सारा शहर रोशन उजाला बहुत है,
फिर भी मेरा मन तो काला बहुत है। 

मंगलवार, 25 अक्टूबर 2016

सोमवार, 24 अक्टूबर 2016

तू  पास दिल से दूर न कर,

रविवार, 23 अक्टूबर 2016

वैष्णो माता की जय जय जय
वैष्णो माँ के दर जो आता है,
मुंह मांगी मुरादे वो पाता है,
माँ वैष्णो के दर्शन के भक्तों,
मन का फूल  खिल जाता है।रैना"
सुप्रभात जी --जय जय माँ 


शनिवार, 22 अक्टूबर 2016

समझ पाना जमाने की अदा फितरत बड़ा मुश्किल,
दगा धोखा मिले जो पाक सी उल्फत बड़ा मुश्किल,
चढ़ा है चेहरे पे चेहरा रंग रूप है बदले,
इंसां इस सोच को बदले "बुरी आदत बड़ा मुश्किल।रैना"
वैष्णो माँ की जय जय माँ 
तलब है तेरे दर्शन की इक बार तो झलक दिखा दे माँ,
इक मुद्दत से हम भटक रहे मन की प्यास बुझा दे माँ,
माँ वैष्णो हम पे रहम करो मन को करार मिल जाये,
बीच मझदार किश्ती डोल रही भव से पार लगा दे माँ। रैना"
सुप्रभात जी ----------------------------जय जय माँ  
विचलित हरगिज ख्याल न होता,
भूल जाता तू ऐसा हाल न होता।  
करम हम पे जो करता सनम तो,
ताल से हरगिज बेताल न होता। 
तेरे दिल में कुछ है नही तो ऐसे,
शरम से चेहरा यूं लाल न होता। 
साथ तेरे गुजरी इक सदी झट से,
इतनी जल्दी तो साल न होता।
गर इक बार उलझे फिर न छूटे,
इश्क से बढ़ के तो जाल न होता। 
इसलिये हम बेरोज़गार घूमते हैं,
देने को अपने पास माल न होता।
कैसे जिम्मेदारी ले ले रैना"तेरी,
खुद का खुद से सम्भाल न होता। रैना" 




शुक्रवार, 21 अक्टूबर 2016

समझ पाना जमाने की अदा फितरत बड़ा मुश्किल,

मिलेगा दर्द तन्हाई वफ़ा तो अब बड़ा मुश्किल,
वैष्णो माता की जय जय जय
हमें इतनी खबर है माँ तेरी रहमत तो बरसेगी,
लिखी किस्मत बदल जाये न प्यासी आँख तरसेगी,
यही उम्मीद है माता तभी हिम्मत न हारे है,
करो नजरे इनायत माँ कभी फिर जान तड़फेगी। रैना"
सुप्रभात जी -------------------------जय जय माँ 


गुरुवार, 20 अक्टूबर 2016

बुधवार, 19 अक्टूबर 2016

वैष्णो माँ की जय जय जय
तेरी किरपा से माँ सब है मिला,
मन का मुरझाया फूल है खिला। रैना"
सुप्रभात जी -----जय जय माँ 

मंगलवार, 18 अक्टूबर 2016

नेक अपना इरादा रहा,
पर उसे तो तकाजा रहा।
पास मेरे रहे वो सदा,
खुद से मैं दूर भागा रहा।
मैं उसे देख पाया नही,
बेवफा मैं अभागा रहा।
कौन देगा गवाही मेरी,
आज तक मैं पियादा रहा।

वैष्णो माँ की जय जय जय
मेरे हाल पे भी तरस खा माता,
तू तेरा जलवा कोई दिखा माता,
तेरे दीद की तलब मेरी आंखों को,
जन्मों की प्यास अब बुझा माता। रैना"
सुप्रभात जी ------ जय जय माँ 

बदले तेरे मिजाज देख रहा हूं,
बहके तेरे अंदाज देख रहा हूं,
है बेखबर तुझे न
है हद करी यकीन कौन करेगा,


 वैसे मैं दिल को रोकता रहता हूं,
अर्श को भेदने की सोचता रहता हूं,

सोमवार, 17 अक्टूबर 2016

वैष्णो माँ की जय जय जय 
तेरे दर का नजारा है बड़ा प्यारा मेरी माँ,
यहां दुखियों को मिलता है सहारा मेरी माँ,
करो किरपा हमें दो दान भक्ती मुक्ती का माँ,
हमें करना अमन से अब गुजारा मेरी माँ। रैना"
सुप्रभात जी ----------------- जय जय माँ 



बाकमाल है अन्दाज आप ,का,
इक जर्रे को पलकों पे सजा लिया। रैना"

बेशक हम इस काबिल हरगिज न थे,
आप ने जर्रे को आफ़ताब कर दिया।  .रैना"
तुम दिल का घर खाली करने का क्या लो गे,
मुझसे ख़्वाबों में ना लड़ने का क्या लो गे। 

गुरुवार, 13 अक्टूबर 2016

वैष्णो माँ की जय जय जय
पास हो कर भी क्यों दूर है माँ,
सामने आये न मजबूर है माँ,
तेरे दीद की हसरत जवान हुई,
इक बार मिलना जरूर है माँ। रैना"
सुपभात जी ----जय जय माँ

बुधवार, 12 अक्टूबर 2016

वैष्णो माँ की जय जय जय
भटके बहुत है माता अब तेरा ध्यान करना,
तेरी किरपा के बिना माँ ये भी होना मुश्किल। रैना"
सुप्रभात जी --------------------जय जय माँ

मंगलवार, 11 अक्टूबर 2016

वैष्णो माँ की जय जय जय

माँ तेरे दीदार को हम तरसे,
हमारे नैना हैं छम छम बरसे,
माँ भूल गई है ऐसा हाल बुरा,
बिन पानी मछली ज्यो तड़फे,
सुप्रभात जी ----जय जय माँ

सोमवार, 10 अक्टूबर 2016

देश में कुछ  ऐसा कानून बनाया जाये,
राम ही रावण का पुतले को आग लगाये,
फिर तो इक भी राम सामने नही आयेगा,
बेचारा रावण अपमान से तो बच जायेगा। रैना"

वैष्णो माँ की जय जय जय
वो किस्मत वाले होते हैं जिन्हें नाम की दौलत मिलती है,
जीवन का मकसद पा जाते बेसुमार ही शौहरत मिलती है,
जो मोह माया में डूबे हैं जिन्हें फ़िक्र लगी खाने कमाने की,
वो कहने को ही चमक रहे उन्हें न गम से फुरसत मिलती है। रैना"
सुप्रभात जी ---------------------------------जय जय माँ 
जीने के लिये जो मरा नही करते,
वो बुलंदी की सीढ़ी चढ़ा नही करते,
जिनको मोती पाने की चाह होती,
वो डूबने से हरगिज डरा नही करते। रैना"

रविवार, 9 अक्टूबर 2016

शनिवार, 8 अक्टूबर 2016


दोस्तों आप को समर्पित मेरी रचना

जिन्दगी को संग निभाना नही आया,
प्यार से गाना वो तराना नही आया।
हम लुटा के सब रहे  हाथ खाली से,
रास हमको ये जमाना नही आया।
अश्क छलके देख कोई सनम अपना,
दर्द दिल का भी छुपाना नही आया।
भूल जाना था मगर हम नही भूले,
याद कोई भी बहाना नही आया।
दूर तक जाती नजर बस तुझे ढूंढती,
याद तुझको वो फ़साना नही आया।
सब लगे फन्दे लगाने में यहां अब तो,
अब किसी को भी बचाना नही आया।
रात होने को हुई कुछ सोच ले रैना",
सो रहा खुद को जगाना नही आया। रैना"



वैष्णो माँ जय जय जय
माँ अपने चरणों से यूं दूर न करो,
दुखिया को इतना मजबूर न करो,
टूट चुके सिर्फ माँ बिखरना बाकी है,
गम में इस कदर चूर चूर न करो। रैना"
सुप्रभात जी --------जय जय माँ 

शुक्रवार, 7 अक्टूबर 2016

मेरी माँ वैष्णो रानी की जय जय जय
माँ वैष्णो रानी तेरी किरपा से मेरे मन को आराम मिला,
हरपल तेरे नाम की चर्चा मुझको क्या खूब हैं काम मिला,
हम हो गये दीवाने तेरे डूबे मस्ती में अपनी भी खबर नही,
बेशक वो तो किस्मत वाले है जिनको नाम का जाम मिला।रैना"
सुप्रभात जी ---------------------------------जय जय माँ  

वही तकरीर तहरीर पुरानी सी,
टूटी फ़टी सी तस्वीर पुरानी सी,
अब हम क्या करे जिकर अपना,
वही खफा सी तकदीर पुरानी सी।   रैना"

गुरुवार, 6 अक्टूबर 2016


भरोसा ही रहा खुद पे तभी तो हम रहे जिन्दा,
दौर तो ऐसा आया है मौत से रोज मुलाकात होती ,रैना"

ऐसे हम घबराने वाले नही लेकिन वक्त ने ही तोड़ के रख दिया। रैना"
जय जय माँ
करो किरपा वैष्णो रानी माँ मेरे जीवन का सुधार करो,
तेरे दर के भिखारी हैं  माता  खैर मांगते  उपकार  करो,
माँ तू दुखड़े हरने वाली है ये सारा जग ही कहता माँ,
छोड़ दुनिया तेरे आये है माँ विनती  मेरी स्वीकार करो। रैना"
सुप्रभात जी -----------------------------जय जय माँ

रविवार, 2 अक्टूबर 2016

शनिवार, 1 अक्टूबर 2016



जयकारा माँ ब्रह्मचारणी माता का,
बोलो सच्चे दरबार की जय जय

माँ ब्रह्मचारणी तेरी महिमा न्यारी,
माँ हम भक्त आये है शरण तुम्हारी,
हमें बख्शो माँ तेरे चरणों की भक्ति,
सुनो गुजारिश माँ तुम अर्ज हमारी। रैना"
सुप्रभात जी -----------जय जय माँ