गुरुवार, 8 अगस्त 2013

roti bhart mata ko

रोती भारत माता को अब चुप कराने वाला कोई नही,
जख्म देने वाले बहुत महरम लगाने वाला कोई नही।
खद्दरदारी मसीहा अब ठेकेदार बन गये भ्रष्टाचार के,
समस्त ही मां को लुटने वाले बचाने वाला कोई नही।
अपनी अपनी  सब को पड़ी न देश की कोई सोच रहा,
देखो गरीबों को हटा रहे गरीबी हटाने वाला कोई नही।
पढ़ लिख कर भी बेरोजगार युवा आत्महत्या कर रहे,
क्योकि बिन पैसे उनको नौकरी दिलाने वाला कोई नही।
बेमौत अब सैनिक मरते उनके परिवार जन बिलख रहे,
बैरी का मुंह तोड़े ऐसी हिम्मत दिखाने वाला कोई नही।
अंग्रेजों के चम्मचें सिर्फ चम्मचागिरी ही पसन्द करते हैं,
भगवान के सिवा अब भारत को बचाने वाला कोई नही। राजेन्द्र रैना "गुमनाम"

hal mere dil

दोस्तों आज की ग़ज़ल आप के नाम

दर्द मेरे दिल का जानते नही,
दिन बुरे आये पहचानते नही।
ये मसीहा क्यों समझते नही,
भूत लातों के यूं मानते नही।
यार ने मयकश तो बना दिया,
मेरे बारे क्यों अब सोचते नही। 
दिल लगाना एक से अदा मेरी,
ख़ाक दर दर की हम छानते नही
झूठ से नफ़रत सच के करीब हैं, 

सूत से शामियाने तानते नही।
हद असूलों में है जिन्दगी बंधी,
रैन" सीमा को हम लांघते नही। राजेन्द्र रैना गुमनाम"

 
अपने लिखने का अन्दाज कुछ ऐसा है,
दिल की बात कहते है कलम के मार्फत। राजेन्द्र रैना "गुमनाम"

कुत्तों के भौकने की परवाह नही करते,
गुजर जाते जिस गली से गुजरना होता। राजेन्द्र रैना "गुमनाम"

बाज आ जा पाकिस्तान????? 
अपनी हरकत से?????
वरना तुझे बुरी तरह तोड़े गे?????
बंगला देश की तरह??????
अलग बलोचिस्तान बना के छोड़े गे। राजेन्द्र रैना गुमनाम"

बुधवार, 7 अगस्त 2013

pakistani

दोस्तों के लिए मौजूदा दौर ध्यान में रख
खास अंदाज

अपना स्वाभिमान भी खोना पड़ता है,
 मसीहा बुझदिल हो तो रोना पड़ता है।
 राजा भूल जाये जब फर्ज धर्म अपना,
 फिर जनता को खाली पेट सोना पड़ता है।
 सावन के महीने में तो रोते होगे सभी,
 हमें आषाढ़ में दिल भिगोना पड़ता है।
 चम्मचागिरी से राज काज नही चलता,
 जनता का बोझ पीठ पे ढोना पड़ता है।
 सोनिया से शान से कह रहे मनमोहन,
चीन का बड़ा ही सस्ता खिलौना पड़ता है।
 देश का बच्चा बच्चा अब कहने लगा है,
 खून का दाग खून से ही धोना पड़ता है।
 गुमनाम" तू जान ले सत्य है ये कथन,
बेशर्म के साथ तो बेशर्म ही होना पड़ता है। राजेन्द्र रैना "गुमनाम"
   

मंगलवार, 6 अगस्त 2013

पत्रकार ने कांग्रेस के महान नेता दिग्गविजय से पूछा
पत्रकार-नेता जी भारतीय चौकी पर पाकिस्तानी सेना के
 हमले बारे आप का क्या ख्याल है।
दिग्गविजय-मेरे ख्याल में ये हमला सौ प्रतिशत फर्जी है।
पाकिस्तान को बेवजह बली का बकरा बनाया जा रहा है।
इस पर कांग्रेस प्रवक्ता अल्वी जी का जवाब
दिग्ग विजय जी का ये अपना मत है, हमारे हिसाब से मामले
की जाँच करवाई जाये।
वैसे प्रधानमन्त्री साफ कर चुके है नवाज शरीफ को खाने पर बुला कर
इस बारे पूछे गे.……… राजेन्द्र रैना गुमनाम"
दोस्तों ?????
बहादूर आईए एस दुर्गा शक्ति नागपाल के सम्मान में
 कुछ लिखना लिख रहा हूं आप का समर्थन चाहिए।

ओ दुर्गा तुझे सलाम,ओ दुर्गा तुझे सलाम,
मुलायम,अखिलेष की तूने कर दी नींद हराम।
ओ दुर्गा तुझे सलाम,…………
वफा ईमानदारी की तू मिसाल है,
तेरा अन्दाज तो निडर बाकमाल है,
मर्द घबराये नारी ने कर दिया वो काम।
 ओ दुर्गा तुझे सलाम,…………
खनन माफियों के छक्के छुड़ा दिये,
बड़े बड़े रसूकदार थाने में बैठा दिये,
अपने फर्ज को बखूबी दिया तूने अंजाम।
ओ दुर्गा तुझे सलाम,…………
देश में बेईमानों के चाहे लम्बे हाथ हैं,
इमानदार भारतीय सारे ही तेरे साथ हैं,
गद्दारों को ऐसे ही तू कर देना तमाम।
ओ दुर्गा तुझे सलाम,…………
मां आदि शक्ति बलशाली का तू अंश है,
भ्रष्टाचारियों का तूने करना विध्वंश है,
"रैना"मन से तेरे चरणों में करता है प्रणाम।
 ओ दुर्गा तुझे सलाम,………… राजेन्द्र रैना गुमनाम"


bhart mata baithhi

दुखी मन से लिखी रचना

भारत माता अपने हाल पे सुबक सुबक के रोती है,
सोचती बेशर्मी और बुझदिली की कोई हद होती है।
चीन सीमा में घुसता,पाकिस्तान बेख़ौफ़ दहाड़ता है,
वो सरेआम जवानों को तड़फा तड़फा कर मारता है।
कभी कभी पाकिस्तान ऐसा भी साहस दिखलाता है,
जवानों की गर्दन ही उतार कर अपने साथ ले जाता है।
मगर हमारे नेता चिकने घड़ों को कोई फर्क नही पड़ता,
क्योकि बार्डर पर इनका कोई अपना जो नही है मरता।
गिरगट घटना के बाद मेंढक बन टर टर करने लगते हैं,
शहीदों के घर झूठे आश्वासनों से जम कर भरने लगते हैं।
काश कोई सुभाष चन्द्र बोस जैसा स्वाभिमानी नेता आये,
जो धोखेबाज पाकिस्तानियों की होश को ठिकाने लगाये।
क्योकि मनमोहन सिंह जी तो अपना फर्ज ऐसे निभाते है,
पड़ोसी देशों की धमकी सुन सोनिया की गोद में छुप जाते है। राजेन्द्र रैना गुमनाम"