जिस गली में यार का घर है,
उस गली में अब लगे डर है।"रैना"
दोस्तों के नाम इक पैगाम
जनता की बूरी हालत है,
नेता ने बदली फितरत है।
झूठे का घर रोशन देखो,
अब सच की आई शामत है।
यूं आशिक से कुछ मत पूछो,
गम में जीने की आदत है।
मरने वाला अक्सर कहता,
बाकी जीने की हसरत है।
पत्थर से भी पानी टपके,
ये तो उसकी ही कुदरत है।
बिन मांगे ही सब मिल जाता,
"रैना"की ऐसी किस्मत है। ........."रैना"
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