दोस्तों की खिदमत में
बाद मुद्दत पेश है
दर्द दिल में है दवा देदे,
यार मेरे इक दुआ देदे।
लोग मरते बेवजह देखो,
फ़कत जीने की अदा देदे।
दोस्तों को तो ख़ुशी देना,
तू मुझे चाहे कजा देदे।
आदमी पे कब भरोसा है,
कोन कब रैना" दगा देदे। ........ "रैना"
बाद मुद्दत पेश है
दर्द दिल में है दवा देदे,
यार मेरे इक दुआ देदे।
लोग मरते बेवजह देखो,
फ़कत जीने की अदा देदे।
दोस्तों को तो ख़ुशी देना,
तू मुझे चाहे कजा देदे।
आदमी पे कब भरोसा है,
कोन कब रैना" दगा देदे। ........ "रैना"
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