सोमवार, 17 दिसंबर 2012

wah mere desh ke

वाह मेरे देश के नेता?????????
जनता का मजाक उड़ा रहे,
अब सात रूपये में एक कप चाये मिलती है,
और नेता 
6 रूपये में तीन टाइम का खाना खिला रहे है।"रैना"

रविवार, 16 दिसंबर 2012

mane tujh ko


दर्द दे कर पूछते हो हाल मेरा,....."रैना"

शनिवार, 15 दिसंबर 2012

kya kre jindgi


चलना जमीं पे सीख ले,
उड़ना हवा में छोड़ दे,
मत पाल रे तू ये भ्रम,
झूठा भ्रम है तोड़ दे।
जाने नही अनजान सब,
है शाम होने को अभी,
पंछी उड़े है चल दिये,
मुड के न अब आये कभी।

ढलती जवानी की सुनो,
दिल की यही तो है सदा।
मदहोश रैना"बेखबर,
सर पे खड़ी है वो कजा।"रैना"

शुक्रवार, 14 दिसंबर 2012

tum chhupe ho kha

तुम छुपे हो कहां हम तुझे ढूंढ़ते,
जिन्दगी थक गई घूमते घूमते।
आदमी को गिला आदमी से रहा,
राज दिल का कभी क्यों नही खोलते।"रैना"



  

गुरुवार, 13 दिसंबर 2012

vo bdle mausam jaise

कायम है हम तो गम जैसे,
दोस्त बदले मौसम जैसे।
सबकी फितरत "रैना"जैसी,
कम ही मिलते है तुम जैसे।"रैना"


बुधवार, 12 दिसंबर 2012

 एक अजनबी मेरे दिल के करीब,
मुझको लगने लगा है बहुत हबीब।
वैसे आज तक हम उसे मिले नही,
मेरे अरमानों के फूल  खिले नही,
फिर भी महसूस होता है,
हम कई बार मिल चुके है।
ऐसा क्यों हो रहा हम सोचते अक्सर,
क्या ये हमारे साथ हैं या उसके साथ भी,
हमारे बीच की दूरी जैसे जमीं से आसमान,
फिर भी हम नादान उनसे मिलने का अरमान,
पाले बैठे है।
काली अँधेरी रात में,
चकौर चाँद को कभी नही देख सकती,
फिर वो ऐसा सपना क्यों देखती है।
कोई उससे पूछे तो वो कहेगी दिल पे जोर नही,
दिल पे किसी का जोर नही झूठा ये शोर नही।
दिल का क्या है ये किसी पे भी आ सकता है,
राजा को भिखारी बना सकता है।
मेरा दिल भी किसी पे आने लगा है,
मैं तो पहले ही भिखारी हूँ,
मुझे ये और क्या बनाएगा,
क्या मुझे मंजिल पर पहुचायेगा,
ये सोच कर मैंने दिल की मान ली है,
आगे चलने की ठान ली है।।।।।।।।।।।"रैना"
 

रविवार, 9 दिसंबर 2012

ab paise se

दोस्तों खास आप के लिए

अब पैसे से मिलता दिल है,
ये मुफ्लिश को कब हासिल है।
मेरे मरने पे जो रोया,
वो ही साजिश में शामिल है।
अब तो नेता वो ही बनता,
जो दरिंदा झूठा कातिल है।
गम तो है पर मर ले कैसे,
बेशक जीना भी मुश्किल है।
"रैना"को तुझसे से मिलना,
तू ही तो मेरी मंजिल है। "रैना"

शनिवार, 8 दिसंबर 2012

काश वो अब मान जाये,
दर्द मेरा जान जाये।
बेवफा को क्या कहे अब,
शाम ढलती जान जाये।"रैना"

दोस्तों के लिए एक खास पेशकश

होसलें खुद ही बढ़ाने होगें,
रास्तें हम को बनाने होगें।
हर किसी को कब मिले ये मंजिल,
लोग जो गिरते उठाने होगें,
कब अकेला तोड़ सकता पत्थर,
अब कदम मिल के बढ़ाने होगें।
ये मसीहा देश के दुश्मन है,
रास्तें से ये हटाने होगें।
घोर अन्धेरा लगे डर देखो,
दीप मन में अब जलाने होगें।
तोड़ मत दिल जिन्दगी बाकी है,
और जीने के बहाने होगें।
दाग दिल पे जो लगे हैं"रैना"
वक्त के हाथों मिटाने होगें। ...."रैना"

 

शुक्रवार, 7 दिसंबर 2012

बाद तेरे हाल मेरे क्या बताऊ कैसे,
दर्द अपना मैं तुझे अब यूं सुनाऊ कैसे।
बात तेरी याद करके आँख रोती अक्सर
मैं दुखी मन को भला अब चुप कराऊ कैसे।"रैना"
 

गुरुवार, 6 दिसंबर 2012

us gali me lge


जिस गली में यार का घर है,
उस गली में अब लगे डर है।"रैना"

दोस्तों के नाम इक पैगाम


जनता की बूरी हालत है,
नेता ने बदली फितरत है।
झूठे का घर रोशन देखो,
अब सच की आई शामत है।
यूं आशिक से कुछ मत पूछो,
गम में जीने की आदत है।
मरने वाला अक्सर कहता,
बाकी जीने की हसरत है।
पत्थर से भी पानी टपके,
ये तो उसकी ही कुदरत है।
बिन मांगे ही सब मिल जाता,
"रैना"की ऐसी किस्मत है। ........."रैना"

बुधवार, 5 दिसंबर 2012

desh hit me

देश हित की बातें करने वाले,
अपने हित की सोच सदन से उठ कर चले गये।"रैना"

सोमवार, 3 दिसंबर 2012

 नैना जो अक्सर नम मिलते,
बदकिस्मत को ही गम मिलते।
दुःख का कारण ये भी होता,
खुद से इन्सां जब कम मिलते।
दिल के कूचे में मुशिकल है,
जुल्फों में अक्सर खम मिलते।
मरते कब है मरने वाले,
मरते आशिक बा दम मिलते।
फिर तो हसरत होती पूरी,
गर रैना" दिन से हम मिलते।"रैना"
मयकश ने कब पीना सीखा,
गफलत में हैं जीना सीखा।
आशिक तो हंस हंस के सहते,
जख्मों को कब सीना सीखा। "रैना"

रविवार, 2 दिसंबर 2012


दिल के बदले दिल का मिलना,
अब मुशिकल है गुल का खिलना।
उल्फत की राहे हैं मुशिकल
चलना तो सम्भल के चलना।
बेशक तय उस नगरी जाना,
मस्ती से जी छोडो डरना।
"रैना"की हसरत ये मकसद,
मरना तो कुछ करके मरना।"रैना"

शनिवार, 1 दिसंबर 2012

दोस्तों की खिदमत में
 बाद मुद्दत पेश है

दर्द दिल में है दवा देदे,
यार मेरे इक दुआ देदे।
लोग मरते बेवजह देखो,
फ़कत जीने की अदा देदे।
दोस्तों को तो ख़ुशी देना,
तू मुझे चाहे कजा देदे।
आदमी पे कब भरोसा है,
कोन कब रैना" दगा देदे। ........ "रैना"