sufi tadka
मंगलवार, 1 मई 2012
jite ji n aebar krte,
हम तो मस्त नजारे जैसे,
बेशक चमके तारे जैसे
हम तो सब के ही जैसे है,
पर कोई न हमारे जैसे।
रास ख़ुशी कब आती हमको,
गम है दोस्त प्यारे जैसे।
हम भी हंस गले मिलते है,
ये गम भी तुन्हारे जैसे।........"रैना"
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