बुधवार, 1 अगस्त 2012

beshak desh ke

बेशक भारत देश के गद्दारों को पसंद न आएगी,
मगर अन्ना टीम की क़ुरबानी रंग जरुर लाएगी
वैसे मंगल पांडे ने तो 1857 में  अलख जलाई थी,
भारतियों ने आजादी तो सौ साल बाद ही पाई  थी।
इक दिन देशवासियों के मन की कली जरुर खिलेगी,
भ्रष्टाचार से मुक्ति हमें दूसरी आजादी जरुर मिलेगी।
इसलिए मत घबराओ अन्ना टीम का उत्साह बढाओ,
आगे आओ भारत माँ के प्रति अपना फर्ज निभाओ।
आजादी बलिदान मांगती है।.भारत माता की जय।..रैना"

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