शुक्रवार, 3 दिसंबर 2010

मुझे अब लगता है

मुझे अब लगता है ऐसा, के हम तो हार ही जाये गे,
यूँ ही फिर काटे गे चक्कर जिन्दगी सवांर न पाये गे.
बेशक हंसते है ये लव मगर गम दिल में तो काफी है,
भला इन गम के कहरों से कैसे खुद को बचाये गे.
ये मुझ से न कभी पूछो के दिल में दर्द है  कितना,
तौहीन यार की होगी जो हम दर्दे दिल सुनाये गे.
तेरी तस्वीर मेरे जाना मैंने मन मंदिर में है रखी,
यही अब जोत तो  जलती है उसे कभी न हटाये गे.
खफा तूं मुझे लगता है  जो सुनता नही मेरे दिल की.
हम भी  अब रो रो के तुझ को अपना दुखड़ा बताये गे.
कही तुने फिर भी न मानी  पागल "रैना" ये कर जाये,
यही सब छोड़ के सारा फिर तेरे घर ही आये गे. "रैना"

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