गुरुवार, 31 अगस्त 2017

आज के लोग पर्दा हटाते नही हैं,
बात दिल की मगर बताते नही हैं। 
दिल में लगा रखते अक्सर गांठें,
दावा करते कुछ भी छुपाते नही।
जो हमारा हम तो उसके हैं यारों,
यूं बेवजह हम ताली बजाते नही।
ऐसे रुठे के तोड़ दिया है रिश्ता,
अब तो ख्वाबों में भी आते नही।
बरसात में परेशान चिड़िया सोचे,
गिरते घर में घोसला बनाते नही।
निकल जाते जो अंजान सफर पे,
वो मुसाफिर लौट के आते नही।
उसकी ख़ुशी में ही अपनी ख़ुशी,
"रैना" दिल को हम जलाते नही। रैना" 

सोमवार, 21 अगस्त 2017

दोस्तों बहुत दिनों बाद???
 आप के लिए कुछ खास

सरे महफ़िल में चर्चा यही है,
हसीं तुझ सा तो कोई नही है।
करें तारीफ़ तेरी दिवानें,
तुझी से नूर की गंग बही है।
करू मैं जो हुआ गल्त साबित,
करे तू जो वही तो सही है।
असर तेरा न हो जो किसी पे,
ऐसी शै तो न कोई बनी है।
तुझे पाना न आसान होता,
किसी ने बात ये सच कही है।
लगी रैना"तलब दीद करने,
ख़बर तुझको न हद ही करी है। रैना"


गुरुवार, 10 अगस्त 2017

दोस्तों के लिए खास पेशकश
ग़ज़ल
खैर मांगे तू ख़ुशी मेरे खुदा दे दे,
गम अगर देना जमाने से जुदा दे दे।
सांस लेना हो गया मुश्किल शहर में अब,
खोल खिड़की कुछ तो ताजा सी हवा दे दे।
छोड़ दुनिया अब  यहां से दूर जाना है,
बेसहारा शख्स को तू इक दुआ दे दे।
मौत के आसार बनते से जरा सोचो,
सुन तबीबों अब मुझे कोई दवा दे दे।
तू है मुन्सिफ हाथ तेरे जिन्दगी मेरी,
कर रहम हक में मेरे तू फैसला दे दे।
राह मुश्किल दूर मन्जिल हाल खस्ता है,
चैन मिल जाये कहे रैना"क़ज़ा दे दे। रैना""

सोमवार, 7 अगस्त 2017

शराबी बेटा बवाल करता,
बाप नेता संभाल करता,
बंद करो बेटी बचाओ अभियान,
कोई न बेटी का ख्याल करता। रैना"

रविवार, 6 अगस्त 2017

मित्रता दिवस पे ख़ास

भूले हुये वो यार फिर क्यों याद आते हैं,
वो याद आ कर दिल जलाते क्यों सताते है,
मेरे खुदा तू ही बता क्या दे सज़ा उनको,
जो यार की ही जिन्दगी दोज़ख बनाते हैं। रैना"          

शुक्रवार, 4 अगस्त 2017

दोस्तों की जय जय

दिल के बदले दिल का मिलना,
अब मुश्किल है गुल का खिलना।
उल्फत की राहों पे फिसलन,
चलना तो सम्भल के चलना।
बेशक तय उस नगरी जाना,
मस्ती से जी छोड़ो डरना।
रैना"की हसरत ये मकसद,
मरना है कुछ करके मरना। रैना"

बुधवार, 2 अगस्त 2017


दोस्तों देखना जी

मन्जिल तू ही साहिल है,
फिर क्यों भटके ये दिल है।
शिकवा तुझसे क्या करना,
सब कुछ तुम से हासिल है।
तेरे चर्चे महफ़िल में,
बेशक तू ही काबिल है।
हमने इतना जाना है,
तू जीवन में शामिल है।
अदला बदली कर सकता,
तुझको रुतबा हासिल है।
क्या ढूंढे बेगानों में,
अपना ही वो कातिल है।
कहते है ये जग वाले,
"रैना"सनकी पागल है। रैना"