सूफी गीत
दिल की आग तुझको जला देगी,
तेरी मैं मैं हस्ती को मिटा देगी।
दिल की आग ..................
दरिया देखे मगर समुंदर नही देखा,
तुने झांक कर अपने अन्दर नही देखा,
देख सोते हुए मन को जगा देगी।
दिल की आग।......................
जीवन का रास्ता तब आसान होगा,
रिन्द पे जब साकी मेहरबान होगा,
वीरान बगिया फिर महका देगी।
दिल की आग।..................."रैना"
दिल की आग तुझको जला देगी,
तेरी मैं मैं हस्ती को मिटा देगी।
दिल की आग ..................
दरिया देखे मगर समुंदर नही देखा,
तुने झांक कर अपने अन्दर नही देखा,
देख सोते हुए मन को जगा देगी।
दिल की आग।......................
जीवन का रास्ता तब आसान होगा,
रिन्द पे जब साकी मेहरबान होगा,
वीरान बगिया फिर महका देगी।
दिल की आग।..................."रैना"
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