सोमवार, 15 नवंबर 2010

अजीब जलवा  तेरा देखा,
तले चिराग़ के  अँधेरा देखा.
रात ने   सितारों संग काटी,
तन्हा सुबकता सवेरा देखा.
यु ही हँसते नजर आये चेहरे,
हर दिल में गम का डेरा देखा.
रिकार्ड देख करके घोटालों का,
रोता कामनवेल्थ का शेरा देखा.
"रैना" को यही मलाल रहा,
तुने आके न घर मेरा देखा.
राजिंदर "रैना"






 
 
 
 
 
 
 

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें