बुधवार, 11 दिसंबर 2013

अपनी रोने की आदत नही,
धोखा देने की फितरत नही। 
औरों के हक़ पे डाका डाले,
ऐसी कोई भी जरूरत नही। 
मेरे बारे कोई पूछे,
ऐसी तो अपनी सूरत नही। 
मिल जाये मन का चाहा,
ऐसी तो अपनी किस्मत नही।
हंसने की हम सोचे कैसे,
"रैना" को गम से  फुरसत नही।  रैना"

गुरुवार, 22 अगस्त 2013

दोस्तों के नाम आज की शाम 

तेरी नजरों ने काम कर दिया,
गुमनाम सरेआम कर दिया।
इक बार पिला के फेरी आंखें,
रस अंगूरी मेरे नाम कर दिया।
तेरी इन बावफा यादों ने तो,
मेरा जीना ही हराम कर दिया।
ठोकर खा कर हम सम्भले है,
उनको दूर से सलाम कर दिया।
ये सोच हम तसल्ली कर लेते, 
नाम है चाहे बदनाम कर दिया।
पैसे की इस बढ़ती भूख ने "रैना"
रिश्ते नाते को तमाम कर दिया। राजेन्द्र रैना गुमनाम"

बुधवार, 21 अगस्त 2013

teri najro ne vo

तेरी नजरों ने काम कर दिया,
गुमनाम सरेआम कर दिया।
इक बार पीला के फेरी आंखें,
रस अंगूरी मेरे नाम कर दिया।
तेरी इन बावफा यादों ने तो,
मेरा जीना ही हराम कर दिया।
ठोकर खा कर हम सम्भले है,
उनको दूर से सलाम कर दिया।
ये सोच कर ही तसल्ली लेते हैं,
नाम है चाहे बदनाम कर दिया।
पैसे की इस बढ़ती भूख ने "रैना"
रिश्ते नाते को तमाम कर दिया। राजेन्द्र रैना गुमनाम"

yad pida

भारत में ये कैसे दौर आ रहे हैं,
पहले फाइलों को चूहें कुतरते थे,
मगर देश में होती अनहोनी देखो
अब फाइलों को भेड़िये खा रहे हैं। राजेन्द्र रैना गुमनाम

चलो ये भ्रम भी मिटा लेते हैं ,
65 वर्षों से अजमा ही रहे हैं,
कोई फिट नही बैठा????
इस बार मोदी को अजमा लेते हैं।
वरना अधूरा ख्याल रह जाये गा,
मोदी को तो रहना ही है,
जनता को भी मलाल रह जाये गा।
बेशक हमें भावनाओं में नही बहना चाहिए,
इसे या उसे मलाल किसी को न रहना चाहिए।राजेन्द्र रैना गुमनाम 

मंगलवार, 20 अगस्त 2013

plkon ki chhav ne

पलकों की छांव में,सपनों के गांव में,
मजा बेसुमार है,प्यार ही प्यार यहां,
प्यार ही प्यार है प्यार ही प्यार …
दिलदारों की बस्ती मस्ती ही मस्ती है,
हर शै महंगी पर,मोहब्बत तो सस्ती है,
दिल के दरिचें खुले न कोई इन्कार है।
प्यार ही प्यार ………….
तुम आओ इस शहर में आ के तो देखो,
इक बार दिल से दिल मिला के तो देखो,
मिल जाती फिर दिल से दिल की तार है।
प्यार ही प्यार …………….
रैना"जो बची अब तो उसको संवारे गे,
पलकों की छांव में जिन्दगी गुजारे गे,
होगा न धोखा कभी हमें ये तो एतबार है।
प्यार ही प्यार……………राजेन्द्र रैना गुमनाम
सुप्रभात के साथ। …जय जय मां 

दोस्तों कमेंट्स करो न करो मगर पढ़ों जरुर

बेशक शहीदों का तो हरगिज न अपमान होना चाहिए,
जो देश पे न्यौछावर हुए उनका सम्मान होना चाहिए।
सेम सेम सेम अब इक ऐसी नई बात आई है प्रकाश में,
अमर शहीदों का नाम ही दर्ज नही रखा है इतिहास में।
मगर ये क्या हो रहा है अब सुभाष चन्द्र बोस के देश में,
चम्मचा चापलूस बेईमान प्रथम आ रहा हर इक रेस में।
देखो  ये नेता चम्मचागिरी में नया इतिहास बना रहे हैं,
तभी तो घोड़ो को घास न मिले गधें पंजीरी खा रहे हैं।
दफ्तर से फाइलें गायब,भ्रष्टाचार,डालर 63 से भी ऊपर है,
नेता फिर भी दावा कर रहे उनका राज एकदम से सुपर है।
पहले राजनीति में चलता बहन भाई चाचा भतीजा वाद,
मगर अब इन को पीछे छोड़ आगे आ चुके प्यारे दामाद।
लगता भारत में नेता भ्रष्टाचार का ऐसा रिकार्ड बनाये गे,
गुमनाम" दुनिया वाले देख कर दांतों तले ऊँगली दबायेगे। राजेन्द्र रैना गुमनाम 

o bhaiya

 ये भी हो सकता है
 ओ मेरे भईया प्यारे तू राखी के बन्धन को निभाना,
  इस बार न सौ दो सौ लूगी,पांच किलो प्याज ले आना।
  सब्जी को अब मुंह न लगते बिना छोंक के दाल है खाते,
  जो स्वाद दाल हो खानी तो साथ पाँव भर टमाटर लाना। राजेन्द्र रैना गुमनाम