गुरुवार, 22 जून 2017


 शब्द सरिता 
🌹आयोजन - 58
🌹गुरुवार - 22 जून, 2017
आयोजन अध्यक्ष आदरणीय विवेक शर्मा आस्तिक जी,
आयोजन संचालक प्रिय वसुधा कनुप्रिया एवं मंच को सादर सम्प्रेषित।

क्यों तेरे शहर में ऐसा हो रहा है,
कोई हंस रहा है कोई रो रहा है,
होगा दर्द तुझको भी मेरी तरह ही,
मैं कैसे कहूं चैन से तू सो रहा है। रैना"


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