गुरुवार, 29 जून 2017





मैं जग को दिल के दाग दिखा दूं कैसे,
खुद को तमाशा खूब बना दूं कैसे।
जो राज हमने दफन किया सीने में,
उस राज से परदा मैं उठा दूं कैसे।
बेपीर है वो तोड़ दिया दिल मेरा,
सिर उसके कदमों में मैं झुका दूं कैसे।
ये खत पुराने प्यार की दौलत यारों,
इनको भला खुद आग लगा दूं कैसे।
तुम बिन अधूरा ख्वाब मेरा जाने मन,
दिल पे छपी तस्वीर मिटा दूं कैसे।
रैना गिला उससे न शिकायत कोई,
कोई बताये उसको भुला दूं कैसे।रैना"




सोमवार, 26 जून 2017

जय जय दोस्तों 
आंसू हुये मोती बहाया न करो,
हर बात को दिल पे लगाया न करो।
फ़ितरत हुई ऐसी नमक छिड़के सभी,
यूं जख्म दिल के तुम दिखाया न करो।
गर ठान ले मन्जिल मिले शक ही नहीं,
अपने मनोबल को गिराया न करो।
हैं प्यार के भूखे कभी कुछ न कहे,
माँ बाप से नजरें चुराया न करो।
सब कुछ उसी का कुछ तेरा है ही नहीं,
यूं दाम अपने तुम लगाया न करो।
रैना"मिली है जिन्दगी कुछ तो करें,
हरपल हसीं है यूं गवाया न करो। रैना"8168587914 

सुप्रभात जी ----------------जय जय माँ 

शुक्रवार, 23 जून 2017

आप ने विनती की स्वीकार,
मन से आभारी बारम्बार,
उससे दुआ हम यही करते है,
खुशहाल रहे सलिला परिवार।रैना"

गुरुवार, 22 जून 2017


 शब्द सरिता 
🌹आयोजन - 58
🌹गुरुवार - 22 जून, 2017
आयोजन अध्यक्ष आदरणीय विवेक शर्मा आस्तिक जी,
आयोजन संचालक प्रिय वसुधा कनुप्रिया एवं मंच को सादर सम्प्रेषित।

क्यों तेरे शहर में ऐसा हो रहा है,
कोई हंस रहा है कोई रो रहा है,
होगा दर्द तुझको भी मेरी तरह ही,
मैं कैसे कहूं चैन से तू सो रहा है। रैना"


बुधवार, 14 जून 2017

की जाती खूब ही अख़बार की बातें,
मगर सारी नहीं हैं एतबार की बातें।
सभी को ही लगे अच्छी जरा चट पट, 
तभी पेश हो चढ़ा के तकरार की बातें।रैना"






शनिवार, 10 जून 2017

तुम मिलो न मिलो तुम्हारी मर्जी,
तुम्हारी तस्वीर से रोज बात होती है। रैना"

रविवार, 4 जून 2017

तू अपने हिस्से किसी का निवाला न कर,
जला किसी का घर अपने उजाला न कर,
जो कहना तू मुंह पर ही कह देना "रैना"
पीठ पीछे किसी को गाली निकाला न कर। रैना"
सुप्रभात जी ---------------जय जय माँ