शनिवार, 28 जुलाई 2012

bhid kam hai aanna

भीड़ कम है,
अन्ना को क्या गम है,
भारत के सैंकड़ो नेताओ पर,
वो अकेला भारी है,
वो जो कर रहा जरूरत हमारी है,
देश को खोखला कर रही ,
भ्रष्टाचार की बीमारी है।
जिससे दुखी जनता सारी है।
इसलिए आगे बढ़ो,
अन्ना के हाथ मजबूत करो।
मीडिया की तरह रंग न बदलो।
भारत माता की जय।,,,,,,"रैना"

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