टूट तो जाते मगर बिखरते नही है,
आशिक इतनी जल्दी मरते नही है.
ता उमर तड़फते सुबकते ही रहते,
दिल पे लगे जख्म कभी भरते नही है.
उन्हें तो बहकने में ही मजा आये,
मय के दीवाने तो संभलते नही है.
किसी भी कीमत पे मै खरीद लेता,
मगर नसीब बाजार में मिलते नही है.
वक्त देख कर लोहा भी पिघल जाता,
पत्थर दिल हुस्न वाले पिघलते नही है.
पहले तो बहुत थे उससे डरने वाले,
मगर अब लोग खुदा से डरते नही है. "रैना"
आशिक इतनी जल्दी मरते नही है.
ता उमर तड़फते सुबकते ही रहते,
दिल पे लगे जख्म कभी भरते नही है.
उन्हें तो बहकने में ही मजा आये,
मय के दीवाने तो संभलते नही है.
किसी भी कीमत पे मै खरीद लेता,
मगर नसीब बाजार में मिलते नही है.
वक्त देख कर लोहा भी पिघल जाता,
पत्थर दिल हुस्न वाले पिघलते नही है.
पहले तो बहुत थे उससे डरने वाले,
मगर अब लोग खुदा से डरते नही है. "रैना"