sufi tadka
शनिवार, 5 मार्च 2011
काश आशिक का रुतबा हासिल हो जाये,
मेरा दिल तेरे इश्क में पागल हो जाये.
तब तो रहती नही है होश भी अपनी,
जब दिल तीरे नजर से घायल हो जाये. "रैना"
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