जीते जी माँ बाप को पानी पिलाने से भी गुरेज रही,
मरने के बाद श्रद्धाओं में देशी घी के पकवान खिला रहे। रैना"
बुधवार, 6 सितंबर 2017
लगी मतलब की बीमारी न कोई प्यार करता है, जिसे चलना सिखाया हो वही तकरार करता है, हुई इन्सान की फितरत वफ़ा से दूर रहता है, मिले है जब कभी मौका तो पीठ पे वार करता है। रैना" सुप्रभात जी ----------------------------- जय जय माँ
सोमवार, 4 सितंबर 2017
यही फितरत रही सब की कमी देखे नहीं अपनी,
हुआ इन्सान अब ऐसा मुहब्बत भूल बैठा है। रैना"
रविवार, 3 सितंबर 2017
देख तुझको सोचता रहता,
दिल मेरा तो रोकता रहता।
खेल मत तू इश्क की बाजी,
खुद ही खुद को टोकता रहता।
वो नज़र आता नहीं मुझको,
कौन मुझ में बोलता रहता।
क्या पता तेरा बता मुझको,
मैं हवा से पूछता रहता।
कुछ करे तो क्या यही सोचे,
खून अक्सर खोलता रहता।
भार अपना तोल ले रैना"
हर किसी को तोलता रहता। रैना"